एक नहीं कई दिक्कतों का रामबाण इलाज है गूलर, जानें इसके फायदों के बारे में

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अंजीर की तरह दिखने वाले गूलर (Cluster Fig) के बारे में आपने कई बार सुना और पढ़ा होगा. लेकिन क्या इसके फायदों के बारे में भी आप जानते हैं? अगर नहीं, तो बता दें कि औषधीय गुणों (Medicinal properties) से भरपूर गूलर एक नहीं बल्कि कई तरह की दिक्कतों को दूर करने में ख़ास भूमिका (Role) निभाता है. 1mg के अनुसार सिर्फ गूलर का फल ही नहीं बल्कि इसकी छाल और दूध भी सेहत को कई तरह के फायदे पहुंचाते हैं. आइये जानते हैं इसके फायदों के बारे में.

पेट दर्द में

पेट दर्द होने पर गूलर के फल का सेवन किया जा सकता है. इसका फल खाने से पेट दर्द और गैस की दिक्कत में काफी आराम मिलता है.

डायबिटीज में

डायबिटीज की दिक्कत को दूर करने के लिए गूलर के फलों के छिलकों को सुखा कर बारीक पीस कर पाउडर बना लें. इसमें बराबर की मात्रा में मिश्री मिला कर गाय के दूध के साथ खाने से दिक्कत दूर होती है. लेकिन इसको केवल 6-6 ग्राम सुबह-शाम ही लें.

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घाव ठीक करे

घाव को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए गूलर के दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आप रुई में गूलर का दूध लेकर घाव पर लगाएं.
नकसीर फूटने पर

नकसीर फूटने यानी नाक से खून आने पर गूलर की छाल आराम देती है. इसके लिए बीस-तीस ग्राम गूलर की छाल को पानी में पीसकर तालु पर लगाएं. इससे नाक से खून आना रुक जाता है.

कमज़ोरी दूर करे

किसी भी वजह से अगर आपके शरीर में कमज़ोरी महसूस होती हो तो आप इसके लिए गूलर के फल की मदद ले सकते हैं. इसके लिए आप गूलर के सूखे फल को पीस कर पाउडर बना लें और इसका दस ग्राम की मात्रा में सेवन करें.

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ब्लीडिंग होने पर

शरीर के किसी भी अंग से खून आने पर या पीरियड के समय ज्यादा ब्लीडिंग होने पर भी गूलर की मदद ली जा सकती है. इसके लिए गूलर के दो-तीन पके हुए फलों को चीनी या खांड़ के साथ खाना चाहिए.

ल्यूकोरिया की दिक्कत में

महिलाओं की ल्यूकोरिया बीमारी को ठीक करने में भी आप गूलर के रस की मदद ले सकती हैं. इसके लिए गूलर के पांच ग्राम रस को मिश्री के साथ मिलाकर पिया जा सकता है.

लूज़ मोशन यानी दस्त होने पर

लूज़ मोशन यानी दस्त की दिक्कत होने पर गूलर के दूध की चार-पांच बूंदों को बताशे में डाल कर दिन में तीन बार खाने से काफी आराम मिलता है.

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