वैज्ञानिकों के हाथ लगी 3 हजार साल पुरानी तहस-नहस हुई लाश, खुनी शार्क ने बॉडी पर किये थे 790 वार

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आपने हॉलीवुड फिल्म ‘शार्क अटैक’ या उससे मिलती जुलती कोई और फिल्म देखी होगी या फिर इंसानों पर शार्क ने हमला किया, ऐसी ख़बर पढ़ी होगी. हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें शोधकर्ताओं को एक आदमी का कंकाल मिला है जिस पर 3000 साल पहले शार्क ने हमला किया था.

कहां और किसे मिला यह कंकाल?

दरअसल, आर्कियोलॉजिस्ट्स (Archaeologists) को जापानी आर्किपेलागो (Japanese archipelago) के सेटो इनलैंड सी (Seto Inland Sea) के पास इस हमले के सबूत मिले हैं. अशंका जताई जा रही है कि हो सकता है यह शख्स जोमोन जापान ( Jomon Japan) के लोगों में से एक हो और मछली पकड़ते वक्त चीते या बड़ी सफेद शार्क ने उस पर हमला कर दिया हो. रिसर्च के मुताबिक यह घटना 1370 से 1010 बीसी के बीच की बताई जा रही है.

आपको बता दें कि इस हादसे के सबूत उस वक्त मिले जब रिसर्चर जे. अलिसा व्हाइट (J. Alyssa White) और प्रोफेसर रिक स्कुलटिंग (Rick Schulting) क्योटो यूनिवर्सिटी (Kyoto University) के पास प्राचीन शिकारियों के अवशेषों में हिंसक हमले के सबूत ढूंढ रहे थे. उसी दौरान उन्हें सुकुमो (Tsukumo) में खुदाई से निकला फोसिल (Fossil) मिला जिसका नाम ‘नंबर 24’ (Number 24) रखा गया. यह एक आदमी का था जिसे गंभीर चोटें आईं थीं. इन सबूतों पर नजर डालने के बाद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (University of Oxford) के रिसर्चर्स का कहना है कि यह इंसानों पर शार्क के हमले का सीधा प्रमाण है. उन्होंने इस बात की जानकारी भी दी कि जिस व्यक्ति का कंकाल मिला है उसे 790 गहरी, दांतेदार चोटें आईं थी. साथ ही पीड़ित का एक हाथ, एक पैर और एज बाजू भी गायब है. उनसे मिली जानकारी के मुताबिक हमले के बाद पीड़ित के पैर को उसके शरीर पर रख कर दफ्नाया गया था.

शार्क अटैक की जानकारी कैसे मिली?

दरअसल, इसके लिए बाकी शार्क अटैक मामलों से सुराग मिला और एक्सपर्ट जॉर्ज बर्गेस (George Burgess) ने हमला कैसे हुआ होगा. यह समझने के लिए अटैक को रीकंस्ट्रक्ट (Reconstruction of attack) किया. जिसके बाद उनकी टीम इस नतीजे पर पहुंची कि जिस शख्स का कंकाल मिला है वह 3 हजार साल पहले मरा था. साथ ही उसी चोटों को देखकर यह भी सामने आया कि वह हमले के दौरान जीवित था और हो सकता है वह शार्क से लड़ने की कोशिशि भी कर रहा होगा.

आशंका यह भी जताई जा रही है कि हमले के बाद उसके लोगों ने उसकी बॉडी को वहां दफ्नाया होगा, जहां वह रहते होंगे. इस केस से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिस तरह की चोटें उस शख्स को आईं थीं वह सीधे तौर पर शार्क अटैक का सबूत हैं. हालांकि शार्क ने उस व्यक्ति पर हमला क्यों किया होगा यह सामने नहीं आ पाया है. न ही यह पता चल पाया है कि वह इंसान शार्क पर हमला तो नहीं कर रहा था जिसके बाद यह हादसा हुआ. आपको बता दें कि शोधकर्ता इसे बड़ी उपलब्धि मान रहें हैं क्योंकि इसके जरिए प्रचीन जापान (Ancient Japan), उस समय के लोगों की जीवनशैली को समझा जा सकता है.

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