4 लाख साल पहले धरती पर रहते थे ऐसे इंसान, ना गाल-न गोल सिर, दानव जैसा था लुक

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ह्यूमन एवोल्यूशन (Human Evolution) को लेकर कई तरह के शोध होते रहते हैं. हाल ही में शोधकर्ताओं के हाथ ऐसे अवशेष (Remains) लगे हैं जिनसे जुड़ी बातें हैरान कर देने वाली हैं. दरअसल, शोधकर्ताओं ने एक अनजान प्रकार के प्राचीन मानव (Ancient man) का पता लगाया है.

यह शोध किसने और कहां किया है?

आपको बता दें कि यह शोध इजरायल (Israel) के शोधकर्ताओं ने किया है. जेरूसलेम (Jerusalem) के हिब्रू विश्वविद्यालय (Hebrew University) की एक टीम ने प्रीहिस्टोरिक (Prehistoric) समय को और करीब से जानने के लिए रामला शाहर के पास खुदाई की. जहां ऐसी प्रजाति के अवशेष मिले जो होमो सेपियन समेत होमो वंश की किसी भी प्रजाति से मिलता-जुलता नहीं था. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि शोधकर्ताओं के मुताबिक यह प्राचीन मानव लगभग 100,000 साल पहले हमारी प्रजातियों के साथ मिलकर रह रहा था. उनका मानना है कि रामला सिटी (Ramla City) के पास जो अवशेष मिले हैं वह लंबे समय से विलुप्त मानव जाति के ‘अंतिम बचे’ लोगों के हैं.

दरअसल, उनके हाथ 140,000 और 120,000 साल पहले के बीच के एक व्यक्ति की आंशिक खोपड़ी और जबड़ा लगा है. मनाव अवशेषों के साथ-साथ खुदाई में बड़ी मात्रा में पशुओं की हड्डियां और पत्थर के औजार भी मिले हैं. आर्कियोलॉजिस्ट (Archeologist) जैदनर ने बताया कि मानव जीवाश्मों (Human fossil) से जुड़ी खोज से पता चलता है कि ‘नेशेर रामला होमो’ में एडवांस स्टोन-टूल प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी (Advance stone tool production technology) की समझ थी और स्थानीय होमो सेपियंस (Homo sapiens) के साथ उनके संबंध थे. उन्होंने आगे कहा कि हमने यह कभी नहीं सोचा था कि होमो सैपियंस के साथ-साथ प्राचीन होमो इस क्षेत्र में घूमते होंगे.

इस शोध से जुड़ी बड़ी जानकारी क्या है?

इस शोध की हैरान कर देने वाली बात यह है कि जिन मानव अवशेषों को खुदाई कर बाहर निकाला गया है उनकी खोपड़ी की बनावट आधुनिक मानव (Modern man) से अलग है. शोधकर्ताओं ने जानकारी दी कि इसकी कार्बन डेटिंग (Carbon dating) 140,000 और 120,000 साल पहले के बीच की है. नेशर रैमला मानव नीएंडरथल (Neanderthal) और प्राचीन होमा प्रजाति से मिलता जुलता है. लेकिन फिर भी आधुनिक मानव से बिल्कुल अगल दिखता है. इसकी खोपड़ी की बनावट अलग है, कोई ठुड्डी नहीं है और बहुत बड़े दांत हैं.

दरअसल इससे जुड़े रिसर्चर्स का मानना है कि ईस्ट 400,000 वर्ष पहले नेशर रामल होमो समूह के सदस्य पहले ही उपस्थित थे. रिसर्च के अनुसार नई खोजों के कारण प्राचीन ‘पूर्व निअंडरथल’ यूरोपीय जनसंख्या जैसी लगती है. इस शोध से जुड़ी आपको एक और जानकारी दे दें कि यूनिवर्सिटी ऑफ टेल अवीव एंथ्रोपोलॉजिस्ट एंड आर्कियोलॉजिस्ट्स (University of Tel Aviv anthropologists and archaeologists) के हेड में योसी जैदनेर ने इस डिस्कवरी का नाम “नेशर रामला होमो टाइप” उस जगह के नाम पर रखा, जहां यह मिला था.

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