FILM REVIEW: गोलमाल अगेन देखने जाइए तो लॉजिक घर छोड़ के!

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इससे पहले किसी भूतिया फ़िल्म में जब अजय देवगन नज़र आए थे तो वो थी रामगोपाल वर्मा की ‘भूत’ (2003), लेकिन उस फ़िल्म में ज़रा भी कॉमेडी नहीं थी. यहां मामला ख़तरनाक तो है लेकिन बेहद कॉमिकल.

गोलमाल फ्रेंचाइज़ी की टीम एक बार फिर से वापिस आ गई है और इस बार अजय देवगन, अरशद वारसी, कुणाल खेमू और तुषार कपूर के साथ नज़र आ रहे हैं तब्बू और परिणीति चोपड़ा.

इस फ़िल्म सीरीज़ में तब्बू और परिणीति का ये डेब्यू है वहीं नील नितिन मुकेश और दक्षिण भारत के मशहूर विलेन प्रकाश राज भी इस फ़्रेंचाइज़ी में पहली बार दिखाई देंगे.

फ़िल्म की शुरुआत चिर परिचित कार स्टंट और गोलमाल टाइटल ट्रैक से शुरु होती है और फिर बिना देर किए और बिना किसी लॉजिक के फ़िल्म में तब्बू एक नैरेटर के तौर पर आपको भूत प्रेतों की दुनिया में ले जाती हैं.हमारे सहयोगी शांतनु डेविड, जिन्होनें इस फ़िल्म का फ़र्स्ट डे, फ़र्स्ट शो देखा, बताते हैं कि फ़िल्म में घिसे पिटे बॉलीवुड फ़ॉर्मूले हैं लेकिन आप इस बात से इंकार नहीं कर सकते कि फ़िल्म में कमाल की कॉमेडी है.

शांतनु के अनुसार, हॉल में मौजूद 6 लोगों में से कोई भी ऐसा नहीं था जो जम कर ना हंस रहा हो और यही बात इस फ़िल्म को ख़ास बना देती है.

कहानी

फ़िल्म एक ऐसे भूतिया घर के बारे में है जहां एक प्रेतात्मा का साया है. इस घर को कब्ज़े में लेने के लिए पहले उस प्रेतात्मा को भगाना होगा जिसके लिए गोपाल, लक्ष्मण, माधव और लकी कोशिश करते हैं.

फ़िल्म में प्रेत/प्रेतनी, फ़िल्म के किरदारों में प्रवेश कर के बहुत मज़ेदार सिचुएशन पैदा कर देते हैं और तुषार कपूर जो गोलमाल अगेन फ़्रेंचाइज़ी में 11 सालों से गूंगे के किरदार में है, कुछ बोलते हुए फ़नी लगते हैं.

निर्देशन

रोहित शेट्टी को कॉमेडी और एक्शन फ़िल्में बनाने का बढ़िया अनुभव है और क्योंकि वो अजय देवगन के साथ 10 वीं बार काम कर रहे हैं तो निर्देशक-कलाकार के बीच की केमिस्ट्री साफ़ साफ़ नज़र आती है.

फ़िल्म लंबी नहीं होती और भले ही संगीत फ़िल्म का कमज़ोर पक्ष है, ये फ़िल्म एक विजुअल डिलाइट है और कंप्यूटर ग्राफ़िक्स और जॉनी लीवर, अरशद वारसी और अन्य कलाकारों की कमाल की कॉमिक टाइमिंग फ़िल्म को मज़बूती देती है.

ओवरऑल

इस फ़िल्म में आपको हंसने के बहुत सारे मौके मिलेंगे और कई मायनों में ये फ़िल्म गोलमाल फ़्रेचाइज़ी में बनी एक अच्छी कॉमेडी फ़िल्म है, हालांकि अगर आप इसकी तुलना ‘ऑल दि बेस्ट’ से करेंगे तो थोड़ी कमी आपको लग सकती है.

हमारे सहयोगी शांतनु के अनुसार इस फ़िल्म को ख़राब कह देना भी ग़लत होगा और इसे सही कहना भी ठीक नहीं होगा क्योंकि फ़िल्म में पहले से घोषित कर दिया गया है कि ये लॉजिकल नहीं बल्कि एक नो ब्रेनर कॉमेडी है, जिसको आप बिना किसी टेंशन के, परिवार के साथ देख सकते हैं.

फ़िल्म में भूत कौन है ये आपको हम अभी नहीं बताएंगे, इसके लिए आपको फ़िल्म देखनी होगी. लेकिन इस हफ़्ते रिलीज़ हुई दोनो फ़िल्मों ‘गोलमाल अगेन’ और ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ की कहानी और फ्लेवर बेहद अलग है, ऐसे में एक दूसरे की ऑडियंस ये काटेंगे, मुश्किल लगता है.

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