OMG: किंग कोबरा, साइनाइड से भी खतरनाक है Pufferfish का जहर, न खुद खाएं और न जानवरों को खिलाएं ये जानलेवा मछली

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evil eyed झufferfish

दनियाभर में कई सारे ऐसे जीव-जंतु पाए जाते हैं जो सांप से भी जहरीले होते हैं और हाल ही में एक ऐसी ही मछली की खोज हुई जिसका जहर किंग कोबरा और साइनाइड से भी खतरनाक है. इनके संपर्क में आने से पालतू जानवरों की भी मौत हो सकती है.

दुनिया भर के लोग सबसे जहीराल सांप को मानते हैं लेकिन धरती पर इससे भी खतरनाक जहर वाले जीव पाए जाते हैं. जी हां, हाल ही में कुछ वैज्ञानिकों ने एक ऐसे जीव की खोज है जो किंग कोबरा से भी ज्यादा जहरीला है और इसके जहर का कोई तोड़ भी नहीं है. ये जीव है एक मछली जिसे पफरफिश (Pufferfish) के नाम से जाना जाता है. अब आप सोच में पड़ गए होंगे न कि विश्व में करोड़ों लोग मछली का सेवन करते हैं. डॉक्टर्स भी ब्रेकफास्ट और लंच में मछली खाने की सलाह देते हैं फिर भला एक जलजीवी इतना खतरनाक कैसे हो सकता हैं

The Complete Freshwater Puffer Fish Care Guide - Fishkeeping World

Pufferfish के जहर का नहीं है कोई तोड़
जानकारों के अनुसार, सामान्य तौर पर पिफरफिश जापान, चीन, साउथ अफ्रीका, फिलीपींस और मेक्सिको में पाई जाती हैं जिसके जहर का कोई तोड़ नहीं है. इस मछली की आंखें देखने में बेहद डरावनी लगती है और इसे कई लोग ब्लोफिश के नाम से भी जानते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, पफरफिश प्रजाति की मछलियों में टेट्रोडॉटोक्सिन (Tetrodotoxin) नाम का खतरनाक जहर होता है जो कि सायनाइड ( cyanide) से 1,200 गुना ज्यादा खतरनाक होता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि एक छोटी सी पफरफिश में भी इतना जहर होता है जिससे 30 वयस्क मनुष्यों की जान जा सकती है और इससे बचना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है.

ब्रिटिश प्रवासी महिला ने की पफरफिश की खोज
खतरनाक जहर वाली मछली की खोज शेफील्ड के ब्रिटिश प्रवासी टेस ग्रिडली (Tess Gridley) ने की है. ग्रिडली अपने परिवार के साथ साउथ अफ्रीका में केपटाउन के Muizenberg Beach पर विजिट करने गए थीं. इसी बीच उनका सामना हुआ था जिसकी आंखें बेहद भयानक थीं. जैसे ही उन्होंने इस फिश को देखा तो वहां की सरकार तक सूचना पहुंचाई और बाद में इसकी पहचान पफरफिश के रूप में की. जहां पर मछली पाई गई वहां रह रहे लोगों को दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने सावधान रहने की चेतावनी दी है.

जानवर भी हो सकते हैं मछली के जहर का शिकार
दक्षिण अफ्रीका के पर्यावरण, वानिकी और मत्स्य पालन विभाग ने एक बयान में कहा कि इस मछली की प्रजातियों में न्यूरोटॉक्सिन (Neurotoxin) नाम का पदार्थ पाया जाता जिसे टेट्रोडॉक्सॉक्सिन (Tetrodotoxin) कहते हैं. टेट्रोडॉक्सॉक्सिन साइनाइड से अभी घातक होता है. मंत्रालय के बयान में स्थानीय लोगों से अपने बच्चों और जानवरों को भी समुद्र तट से दूर रखने की सलाह दी है. साथ ही ये भी कहा है कि इन मछलियों को न वे खुद खाएं और न ही अपने पालतू जानवरों को खाने दें. यदि डॉग भी पफरफिश का सेवन करेगा तो वो इसके जहर का शिकार हो सकता है.





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